दिव्यांगजनों के साथ होने वाले व्यवहार से होता है देश व समाज की प्रगति का आंकलन: राष्ट्रपति
– एनआईईपीवीडी में विज्ञान व गणित कक्षाओं की शुरुआत सरहानीय : केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार
देहरादून, न्यूज यूके लाइव डॉट इन। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इन दिनों तीन दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंची हैं। इसी कड़ी में आज उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया। अपने 67वें जन्मदिन के अवसर पर राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगज सशक्तिकरण संस्थान (एनआईईपीवीडी) में आयोजित कार्यक्रम में भी शिरकत की। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रस्तुत बधाई गीत ने सभी का मन मोह लिया और गीत को सुनकर खुद राष्ट्रपति भी भावुक हो उठीं।
राष्ट्रपति ने देहरादून में राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान का दौरा किया और छात्रों से वार्तालाप भी किया। उन्होंने मॉडल स्कूल विज्ञान प्रयोगशाला और कंप्यूटर प्रयोगशाला के साथ-साथ एक प्रदर्शनी का भी दौरा किया।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि किसी देश या समाज की प्रगति का आकलन इस बात से लगाया जा सकता है कि उस समाज में लोग दिव्यांगजनों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं। भारत का इतिहास संवेदनशीलता और समावेशिता के प्रेरक प्रसंगों से भरा पड़ा है। हमारी संस्कृति और सभ्यता में मानवीय करुणा और प्रेम के भाव हमेशा से शामिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुगम्य भारत अभियान के माध्यम से, जो एक सुलभ भौतिक वातावरण, परिवहन, सूचना और संचार पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर जोर देता है, सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और समान भागीदारी के लिए प्रयास कर रही है। 
राष्ट्रपति ने कहा कि आज का युग विज्ञान और प्रौद्योगिकी का युग है। उन्नत प्रौद्योगिकी की सहायता से दिव्यांगजन भी मुख्यधारा में अपना योगदान दे सकते हैं। उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई कि राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान समावेशी शिक्षा प्रणाली और नवीनतम तकनीकी संसाधनों के माध्यम से छात्रों के सर्वांगीण विकास पर विशेष बल दे रहा है। उन्होंने कहा कि समाज को जीवन के हर क्षेत्र में दिव्यांगजनों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रयास करने चाहिए।
इस अवसर पर केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री वीरेंद्र कुमार भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा देशभर में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी और बताया कि देश में विभिन्न श्रेणियों के दृष्टिबाधित छात्रों के लिए 9 राष्ट्रीय संस्थान हैं। उन्होंने एनआईईपीवीडी में विज्ञान व गणित कक्षाओं की शुरुआत को सराहा और बताया कि यहां से पढ़े तीन छात्र आईएएस बने हैं। उन्होंने कहा यह समारोह दिव्यांग बच्चों के हौसले और प्रतिभा को सलाम करने का प्रेरणादायक क्षण बना।